होम / नेट मीटरिंग · अपडेट 2026-11-04

भारत में रूफ़टॉप सोलर के लिए नेट मीटरिंग: PM Surya Ghar में यह कैसे काम करती है

आपका रूफ़टॉप सिस्टम लगने के बाद DISCOM मीटर लगाती है और आपके राज्य के नियमों के मुताबिक आपके साथ मीटरिंग समझौता करती है। नेट मीटर DISCOM से आता है, या आप किसी सूचीबद्ध मीटर वेंडर से ख़रीद सकते हैं। DISCOM के सिस्टम को मौके पर जाँच लेने के बाद ही सब्सिडी प्रोसेस होती है।

नेट मीटरिंग का मतलब

रूफ़टॉप सिस्टम ज़्यादातर दिन में बिजली बनाता है, जबकि हो सकता है आप उसे दूसरे समय इस्तेमाल करें। मीटर नापता है कि आपने ग्रिड से कितनी ली और ग्रिड को कितनी भेजी, ताकि आपके बिल में दोनों का फ़र्क़ जुड़े। बिलिंग का सही नियम राज्य के हिसाब से अलग है, इसलिए अपनी DISCOM से पूछें कि आपकी भेजी हुई बिजली का हिसाब वह कैसे लगाती है।

सब्सिडी में कौन-सी व्यवस्थाएँ शामिल हैं

आपके राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के बिजली नियामक से मंज़ूर सभी मीटरिंग व्यवस्थाएँ शामिल हैं, जैसे:

  • नेट मीटरिंग
  • ग्रॉस मीटरिंग
  • नेट बिलिंग
  • वर्चुअल नेट मीटरिंग
  • ग्रुप नेट मीटरिंग

वर्चुअल और ग्रुप नेट मीटरिंग तब पात्र हैं जब पैनल छत, टैरेस, बालकनी या ऊँचे स्ट्रक्चर पर हों और DISCOM व्यवस्था को मंज़ूर करे।

मीटर का चरण, क्रम से

  1. आपका वेंडर इंस्टॉलेशन पूरा करता है और आप पोर्टल पर जानकारी और दस्तावेज़ अपडेट करते हैं।
  2. आवेदन DISCOM के पास जाता है, जो पोर्टल की चेकलिस्ट के हिसाब से सिस्टम को मौके पर जाँचती है।
  3. DISCOM आपके राज्य के नियमों के मुताबिक आपके साथ मीटरिंग समझौता करती है, और मीटर लग जाता है।
  4. DISCOM पोर्टल पर आवेदन मंज़ूर करती है। वह उसे सुधार के लिए वापस भी भेज सकती है, या कारण बताकर रद्द कर सकती है।
  5. इसके बाद ही सब्सिडी प्रोसेस होती है: DISCOM की मंज़ूरी के 15 दिन के भीतर।

स्मार्ट मीटर

  • जहाँ राष्ट्रीय वितरण सुधार योजना (RDSS) के तहत स्मार्ट मीटरिंग का काम पहले ही दिया जा चुका है, वहाँ DISCOM को अपने मीटरिंग सर्विस प्रोवाइडर के ज़रिए स्मार्ट मीटर लगाने होंगे।
  • बाक़ी जगहों पर नेट मीटर बेहतर होगा कि स्मार्ट मीटर हों, 4G सेल्युलर कार्ड वाले, निर्माताओं की पैनल वाली सूची से, और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (Central Electricity Authority) के प्रकाशित तकनीकी स्पेसिफ़िकेशन के मुताबिक।
  • अगर आपका इन्वर्टर SIM, डोंगल या Wi-Fi से उत्पादन का डेटा भेजता है, तो वेंडर को पोर्टल को उसका एक्सेस देना होगा, ताकि आप पोर्टल पर उत्पादन देख सकें।

मीटर का पैसा कौन देता है?

यह आपके कोटेशन पर निर्भर करता है। गाइडलाइन कहती है कि मीटर DISCOM देती है, या आप किसी सूचीबद्ध मीटर वेंडर से ख़रीद सकते हैं। वहीं, उपभोक्ता-वेंडर का नमूना समझौता नेट मीटर की सप्लाई, टेस्टिंग और मंज़ूरियों को वेंडर के काम में रखता है। वेंडर से लिखित में पूछें कि मीटर, उसकी टेस्टिंग और ग्रिड कनेक्शन कीमत में शामिल हैं या नहीं।

जो सिस्टम बिजली ग्रिड में नहीं भेजते

ग्रिड से जुड़े लेकिन ग्रिड में बिजली न भेजने वाले सिस्टम, जैसे बिहाइंड-द-मीटर या बैटरी हाइब्रिड सिस्टम, राज्य नियामक की मंज़ूरी हो तो पात्र हो सकते हैं। DISCOM उन्हें जाँचती है और देखती है कि रिवर्स पावर रिले प्रोटेक्शन काम कर रहा है। ऑफ़-ग्रिड सिस्टम पात्र नहीं हैं।

आगे: देखें आवेदन कैसे करें और अपना स्टेटस कैसे देखें।

आम सवाल

नेट मीटर कौन लगाता है?

आपका रूफ़टॉप इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद DISCOM मीटर लगाती है। मीटर DISCOM देती है, या आप किसी सूचीबद्ध मीटर वेंडर से ख़रीद सकते हैं। आपके वेंडर के कोटेशन में यह शामिल हो सकता है, इसलिए पूछ लें।

क्या सब्सिडी के लिए नेट मीटरिंग ज़रूरी है?

आपका सिस्टम ग्रिड से जुड़ा होना चाहिए, लेकिन किसी एक ख़ास तरह की मीटरिंग ज़रूरी नहीं है: आपके राज्य के नियामक से मंज़ूर कोई भी मीटरिंग व्यवस्था चलेगी। ग्रिड से जुड़े लेकिन ग्रिड में बिजली न भेजने वाले सिस्टम, जैसे बिहाइंड-द-मीटर या बैटरी हाइब्रिड सिस्टम, भी नियामक की मंज़ूरी से पात्र हो सकते हैं। ऑफ़-ग्रिड सिस्टम पात्र नहीं हैं।

क्या इंस्टॉल करने से पहले DISCOM की मंज़ूरी चाहिए?

10 kW तक के सिस्टम तकनीकी व्यवहार्यता की मंज़ूरी के बिना ही स्वीकृत माने जाते हैं, लेकिन तभी जब आपके राज्य के नियामक और DISCOM ने इसे लागू कर दिया हो। तब तक DISCOM जो दस्तावेज़ माँगे, वे अपलोड करें।

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