होम / सब्सिडी · अपडेट 2026-11-04
PM Surya Ghar सब्सिडी: प्रति kW रकम, सीमा और उदाहरण
सिस्टम के साइज़ के हिसाब से सब्सिडी
यह आधिकारिक दरों से निकाली गई है। आपका राज्य इस केंद्रीय रकम के ऊपर अपनी तरफ़ से कुछ और जोड़ सकता है।
| सिस्टम | सामान्य राज्य | विशेष श्रेणी |
|---|---|---|
| 1 kW | ₹30,000 | ₹33,000 |
| 2 kW | ₹60,000 | ₹66,000 |
| 2.5 kW | ₹69,000 | ₹75,900 |
| 3 kW | ₹78,000 | ₹85,800 |
| 5 kW (सब्सिडी 3 kW पर सीमित) | ₹78,000 | ₹85,800 |
हिसाब कैसे लगता है
सामान्य राज्य में 2.5 kW के लिए: 2 kW × ₹30,000 + 0.5 kW × ₹18,000 = ₹69,000। सब्सिडी सोलर मॉड्यूल की रेटेड क्षमता पर निकलती है, इन्वर्टर पर नहीं। अपना साइज़ कैलकुलेटर में डालकर देखें।
कौन पात्र है और नियम क्या हैं
- आप घरेलू बिजली उपभोक्ता के रूप में आवेदन करते हैं, और आपके पास अपनी बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) का वैध उपभोक्ता खाता नंबर होना चाहिए। किराएदार: गाइडलाइन में यह साफ़ नहीं लिखा है, इसलिए अपनी DISCOM से पूछ लें।
- मॉड्यूल भारत में बने सेल से भारत में बने होने चाहिए (घरेलू सामग्री की शर्त, DCR)। यह एक ज़रूरी शर्त है।
- सिस्टम ग्रिड से जुड़ा होना चाहिए। ऑफ़-ग्रिड सिस्टम पात्र नहीं हैं।
- सब्सिडी हर इंस्टॉलेशन पर एक ही बार मिलती है। सिस्टम को नई जगह ले जाने पर दोबारा नहीं मिलती।
- अगर पहले किसी पुरानी योजना में छोटे सिस्टम पर सब्सिडी ले चुके हैं और अब उसे बढ़ा रहे हैं, तो सिर्फ़ बढ़ाई गई क्षमता पर दावा कर सकते हैं, कुल मिलाकर 3 kW तक।
- आप बैटरी या दूसरी चीज़ें जोड़ सकते हैं, लेकिन सब्सिडी फिर भी सोलर मॉड्यूल की क्षमता पर ही निकलेगी।
- आप चाहें तो पोर्टल के “Give It Up” विकल्प से सब्सिडी छोड़ सकते हैं। तब आप non-DCR मॉड्यूल लगाने के लिए आज़ाद हैं।
विशेष श्रेणी के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
इन्हें पहले 2 kW के लिए प्रति kW ₹33,000 और तीसरे kW के लिए ₹19,800 मिलते हैं:
- सिक्किम सहित पूर्वोत्तर के राज्य
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू और कश्मीर
- लद्दाख
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- लक्षद्वीप
राज्य की तरफ़ से अतिरिक्त सब्सिडी
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश केंद्र की सब्सिडी के ऊपर अपनी सब्सिडी भी जोड़ सकते हैं, और वह उसी राष्ट्रीय पोर्टल से प्रोसेस होती है। रकम राज्य के हिसाब से अलग होती है और बदलती रहती है, इसलिए इस गाइड में नहीं दी गई है। अपनी DISCOM से पूछें या पोर्टल पर अपने राज्य की जानकारी देखें।
हाउसिंग सोसाइटी और RWA
लिफ़्ट, लाइट, पंप और EV चार्जिंग जैसी साझा सुविधाओं के लिए सब्सिडी प्रति kW ₹18,000 है, 500 kW तक (हर घर के लिए 3 kW गिना जाता है)।
वेंडर से समझौता करने से पहले ये जान लें
- पूरी कीमत पहले आप देते हैं और सब्सिडी बाद में आती है, इसलिए कोटेशन को सब्सिडी के बाद के खर्च से परखें। देखें रूफ़टॉप सोलर का खर्च।
- सिर्फ़ ऐसा वेंडर चुनें जो राष्ट्रीय पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो। योजना रजिस्टर्ड वेंडरों के ज़रिए ही चलती है।
- आवेदन आधिकारिक पोर्टल पर करें। ऐसे किसी बिचौलिए के ज़रिए नहीं जो “सब्सिडी फ़ीस” के नाम पर एडवांस माँगे। सब्सिडी का रास्ता सिर्फ़ पोर्टल है, कोई एजेंट नहीं।
आम सवाल
PM Surya Ghar में ज़्यादा से ज़्यादा कितनी सब्सिडी मिलती है?
हर परिवार को ₹78,000, 3 kW या उससे बड़े सिस्टम पर। 3 kW से ऊपर की क्षमता पर केंद्र की कोई अतिरिक्त सब्सिडी नहीं मिलती।
सब्सिडी इंस्टॉलेशन से पहले मिलती है या बाद में?
बाद में। घरों की सब्सिडी capex मॉडल पर लागू होती है। इसका मतलब है कि इंस्टॉलेशन का पैसा पहले आप देते हैं। DISCOM जब सिस्टम की जाँच करके उसे मंज़ूर कर देती है, तब सब्सिडी आपको मिलती है।
क्या पैनल भारत में बने होने ज़रूरी हैं?
हाँ। मॉड्यूल घरेलू सामग्री की शर्त (DCR) पूरी करने चाहिए, यानी भारत में बने सेल से भारत में बने मॉड्यूल। किसी भी रूप में non-DCR मॉड्यूल लगाने पर इंस्टॉलेशन पात्र नहीं रहता।
क्या ऑफ़-ग्रिड सिस्टम पर सब्सिडी मिलती है?
नहीं। ऑफ़-ग्रिड इंस्टॉलेशन पात्र नहीं हैं। सिस्टम ग्रिड से जुड़ा होना चाहिए।
स्रोत
- MNRE Operational Guidelines for PM Surya Ghar (7 June 2024) (जाँचा गया 2026-11-04)
- SolarQuarter, 1 Sep 2026, summarising MNRE guidelines (जाँचा गया 2026-11-04)
- National Portal for Rooftop Solar, MNRE (जाँचा गया 2026-11-04)