होम / आवेदन कैसे करें · अपडेट 2026-11-04

PM Surya Ghar रूफ़टॉप सोलर के लिए आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम

अपने मोबाइल नंबर (OTP) से consumer.pmsuryaghar.gov.in/consumer पर लॉगिन करें, अपना बिजली उपभोक्ता नंबर रजिस्टर करें, आवेदन करें, रजिस्टर्ड वेंडर चुनें, सिस्टम लगवाएँ, दस्तावेज़ और फ़ोटो अपलोड करें, DISCOM की जाँच का इंतज़ार करें, फिर e-token रिडीम करें। DISCOM की मंज़ूरी के 15 दिन के भीतर सब्सिडी प्रोसेस हो जाती है।

शुरू करने से पहले: आपको क्या चाहिए

  • आपका बिजली उपभोक्ता खाता नंबर: आपकी बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) के बिल पर छपा नंबर।
  • एक मोबाइल नंबर जिस पर OTP आ सके। पोर्टल सबसे पहले इसी को वेरिफ़ाई करता है।
  • बैंक खाते का विवरण और सबूत कि खाता आपका है: कैंसल चेक की फ़ोटो, बैंक का e-statement या पासबुक का स्कैन।
  • इस्तेमाल लायक छत, और ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन। ऑफ़-ग्रिड सिस्टम पात्र नहीं हैं।
  • घरेलू सामग्री वाले मॉड्यूल। वेंडर से लिखित में पुष्टि करवाएँ कि मॉड्यूल और सेल भारत में बने हैं।

कहाँ लॉगिन करें

पोर्टल के अपने निर्देश हैं: मोबाइल नंबर डालें और OTP से वेरिफ़ाई करें। वेंडर वाले पॉप-अप में, अगर चाहते हैं कि वेंडर आपकी जगह आवेदन भर दे, तो Yes पर क्लिक करें। कुछ भी डालने से पहले एड्रेस बार देख लें। स्क्रीन और लेबल बदल सकते हैं, इसलिए स्क्रीन पर आने वाले निर्देशों का पालन करें।

कदम-दर-कदम

  1. रजिस्टर करें और लॉगिन करें। उपभोक्ता लॉगिन पेज खोलें, मोबाइल नंबर डालें और OTP वेरिफ़ाई करें। अपना राज्य और बिजली वितरण कंपनी चुनें, और उपभोक्ता खाता नंबर डालें।
  2. रूफ़टॉप सोलर के लिए आवेदन करें। आवेदन जमा करें। पोर्टल आपको एक एप्लिकेशन ID देगा। इसे संभालकर रखें, आगे हर कदम पर यह चाहिए होगी।
  3. रजिस्टर्ड वेंडर चुनें। पोर्टल की वेंडर सूची और तुलना टूल इस्तेमाल करें। आप किसी भी रजिस्टर्ड वेंडर को अपनी तय की हुई कीमत पर चुनने के लिए आज़ाद हैं। आपके लिए दर कोई और तय नहीं करता। कम से कम तीन लिखित कोटेशन लें।
  4. डिज़ाइन और कीमत लिखित में तय करें। सिस्टम का साइज़, पैनल और इन्वर्टर की कंपनी, वारंटी, और क्या-क्या शामिल है। आधिकारिक गाइडलाइन के साथ वेंडर और उपभोक्ता के बीच समझौते का एक नमूना लगा है। कुल रकम को बेंचमार्क खर्च से मिलाएँ।
  5. व्यवहार्यता मंज़ूरी, अगर आपके राज्य में ज़रूरी है। 10 kW तक के सिस्टम स्वीकृत माने जाते हैं, लेकिन तभी जब आपके राज्य ने इसे लागू कर दिया हो। अगर DISCOM अब भी दस्तावेज़ माँगती है, तो उन्हें अपलोड करें और वेंडर के इंस्टॉल करने से पहले मंज़ूरी का इंतज़ार करें।
  6. वेंडर इंस्टॉल करता है। वेंडर सिस्टम लगाता है, सुरक्षा जाँच करता है और आपको रखरखाव और सुरक्षा के बारे में समझाता है।
  7. पोर्टल पर जानकारी अपडेट करें। इंस्टॉलेशन के बाद सिस्टम की जानकारी भरें और ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें, जिनमें जियो-टैग वाली फ़ोटो भी शामिल हैं। आपका वेंडर आपके उपभोक्ता लॉगिन से इसमें मदद कर सकता है। इसके बाद आवेदन DISCOM के पास पहुँच जाता है।
  8. DISCOM की जाँच और मीटर। DISCOM एक चेकलिस्ट के हिसाब से सिस्टम को मौके पर जाकर जाँचती है, आपके साथ मीटरिंग समझौता करती है और मीटर लगाती है। DISCOM आवेदन को मंज़ूर कर सकती है, सुधार के लिए वापस भेज सकती है, या कारण बताकर रद्द कर सकती है। सब्सिडी इस मौके की जाँच के बाद ही प्रोसेस होती है।
  9. अपने बैंक का विवरण जमा करें। पोर्टल पर कैंसल चेक, e-statement या पासबुक का स्कैन अपलोड करें। अगर आपने लोन लिया है, तो लोन खाते का विवरण भी चाहिए।
  10. e-token रिडीम करें। दस्तावेज़ अपलोड होने और DISCOM का काम पूरा होने के बाद, आपके पोर्टल प्रोफ़ाइल में एक e-token चालू हो जाता है, जिसमें आपकी लगाई गई क्षमता की सब्सिडी होती है। लॉगिन करके उसे रिडीम करें।
  11. सब्सिडी पाएँ। यह DISCOM की मंज़ूरी के 15 दिन के भीतर प्रोसेस होकर आपके बैंक खाते में आती है। अगर आपने लोन लिया है, तो पैसा पहले लोन खाते में जाता है, और जो बचे वह आपके बैंक खाते में।

अगर आपको लोन चाहिए

पोर्टल पर बैंकों के लोन प्रोडक्ट दिए गए हैं, जो Jan Samarth पोर्टल से जुड़े हैं। Jan Samarth सरकार का लोन पोर्टल है। गाइडलाइन के मुताबिक 3 kW तक के सिस्टम के लिए रेपो रेट से लगभग 0.5% ऊपर के कम ब्याज वाले लोन की उम्मीद है। असली दर बैंक से पूछें।

इंस्टॉलेशन के बाद

  • रजिस्टर्ड वेंडर को चालू होने की तारीख से 5 साल तक सिस्टम की मरम्मत और रखरखाव मुफ़्त करना होता है।
  • उस अवधि में खराब प्रदर्शन करने वाले पुर्ज़ों को मुफ़्त ठीक करना या बदलना होता है, और निर्माताओं की वारंटी आपके पास बनी रहती है।
  • अगर सिस्टम की किसी खराबी से सब्सिडी या कमीशनिंग रुक जाए, तो वेंडर को उसे ठीक करना होगा।

ये गलतियाँ न करें

  • सब्सिडी “छुड़ाने” या “जल्दी करवाने” के लिए किसी को फ़ीस देना। सब्सिडी सिर्फ़ पोर्टल से मिलती है।
  • वेंडर को DCR की शर्त पूरी न करने वाले मॉड्यूल लगाने देना। इससे सब्सिडी नहीं मिलेगी।
  • जियो-टैग वाली फ़ोटो या बैंक का सबूत छोड़ देना। आवेदन लौट आएगा।
  • यह भूल जाना कि पहले आप पैसा देते हैं: पूरे कोटेशन के लिए पैसे या लोन तैयार रखें।

इसका इस्तेमाल सिर्फ़ आपको जवाब देने के लिए होता है। देखें गोपनीयता नोटिस। यह कोटेशन समझने की सलाह है, इंस्टॉलेशन सेवा नहीं।

आम सवाल

आवेदन कहाँ करना है?

सिर्फ़ MNRE के चलाए राष्ट्रीय रूफ़टॉप सोलर पोर्टल पर। गाइडलाइन के मुताबिक लाभ सिर्फ़ इसी पोर्टल से मिलते हैं। आधिकारिक पता ही इस्तेमाल करें और मिलती-जुलती नक़ली साइटों से सावधान रहें।

क्या इंस्टॉलर मैं खुद चुनता हूँ?

हाँ। पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसी भी वेंडर को आप चुन सकते हैं और कीमत उसी से सीधे तय करते हैं। DISCOM की तरफ़ से न कोई टेंडर है, न कोई तय दर।

सब्सिडी मिलने में कितना समय लगता है?

DISCOM के आपका आवेदन मंज़ूर करने के 15 दिन के भीतर सब्सिडी प्रोसेस हो जाती है। उससे पहले के कदम, यानी इंस्टॉलेशन, जाँच और मीटर, आपके वेंडर और DISCOM पर निर्भर हैं और उनमें ज़्यादा समय लगता है।

क्या इंस्टॉल करने से पहले DISCOM की मंज़ूरी चाहिए?

10 kW तक के सिस्टम बिना तकनीकी व्यवहार्यता मंज़ूरी के ही स्वीकृत माने जाते हैं, लेकिन तभी जब आपके राज्य के रेगुलेटर और DISCOM ने यह नियम लागू कर दिया हो। तब तक DISCOM जो दस्तावेज़ माँगे वे अपलोड करें, और जहाँ आपके राज्य में ज़रूरी है वहाँ मंज़ूरी का इंतज़ार करें।

स्रोत